शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
बस इतना समझ लो, तेरे इश्क का पावन रंग मेरी खुशियों के आशियाने में,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।