शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
ज़िंदगी के सफर में, तेरी नज़रों का ये तीर मेरी खामोश इबादतों में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए।
गुलाब की तरह महक रहा है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए।