शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
खामोशियों के दरमियां, तेरी मीठी बातों का जादू मेरे ख्यालों की दुनिया में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 688]
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 688]