शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
खामोशियों के दरमियां, तेरी पनाहों का ये सुकून मेरी तकदीर के पन्नों पर,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 263]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 263]