शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
दिल कहता है, तेरी धड़कनों की आवाज़ मेरी रूह की गहराइयों में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 409]
अमृत बनकर घुल गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 409]