शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
दिल की गहराइयों से, तेरे इश्क का पावन रंग मेरी खुशियों के आशियाने में,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 964]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 964]