शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
बेशक, तेरे लबों की ये हंसी मेरी तकदीर के पन्नों पर,
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।