४ लाइन शायरी (रुबाई)
तेरे लबों की ये हंसी मेरी हर एक दुआ में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।