४ लाइन शायरी (रुबाई)
कसम से, तेरी ज़ुल्फ़ों की हसीन छांव मेरी आँखों की पुतलियों में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 934]
दिल को दीवाना बना रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 934]