शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
सदा, तेरी धड़कनों की आवाज़ मेरी ज़िंदगी के सफर में,
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 882]
हर पल नया रंग भर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 882]