शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
सुनो, तेरी यादों का ये चमन मेरी खामोश इबादतों में,
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 40]
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 40]