शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
सच है, तेरी यादों का ये चमन मेरी खामोश इबादतों में,
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 616]
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 616]