शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
याद रखना, तेरी धड़कनों की आवाज़ मेरी रूह की गहराइयों में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 121]
अमृत बनकर घुल गया है, कि अब तेरे बिना एक पल भी गवारा नहीं होता। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 121]