शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
तेरी बाहों का ये आशियाना मेरी हर सुबह ओ शाम में,
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए।
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए।