शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
सुनो, तेरी दीवानगी का ये आलम मेरी ज़िंदगी के सफर में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 493]
रूह को मदहोश कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 493]