शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
ज़माने से कह दो, तेरे इश्क की ये बारिश मेरी सूनी रातों में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 556]
दिल को दीवाना बना रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 556]