शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
खुदा गवाह है, तेरी खूबसूरत सूरत का नूर मेरी आँखों की पुतलियों में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 976]
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 976]