४ लाइन शायरी (रुबाई)
ज़िंदगी के सफर में, तेरी मुस्कुराहट की चमक मेरी हर सांस में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 269]
गुलाब की तरह महक रहा है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 269]