४ लाइन शायरी (रुबाई)
दिल कहता है, तेरी यादों का ये चमन मेरी हर सांस में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 765]
गुलाब की तरह महक रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 765]