४ लाइन शायरी (रुबाई)
तेरी मुस्कुराहट की चमक मेरी हर सांस में,
गुलाब की तरह महक रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।
गुलाब की तरह महक रहा है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।