इश्क़ और मोहब्बत शायरी
हर घड़ी, तेरे चेहरे का तबस्सुम मेरे सपनों के आंगन में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।