रोमांटिक शायरी
सुनो, तेरी मासूमियत का ये अंदाज़ मेरे सपनों के आंगन में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।