एटीट्यूड शायरी इन हिंदी
कसम से, दुश्मनों की भीड़ में हमारा ये दबदबा हमारी खामोश निगाहों में,
ज़माने को झुकने पर मजबूर कर रहा है, क्योंकि जब हम मैदान में उतरते हैं तो इतिहास बदल जाता है।
ज़माने को झुकने पर मजबूर कर रहा है, क्योंकि जब हम मैदान में उतरते हैं तो इतिहास बदल जाता है।