शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
ऐ दोस्त, तेरी इबादत का सुरूर मेरी हर मुराद में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।