शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
तेरी मोहब्बत की खुशबू मेरी खुशियों के आशियाने में,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 692]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 692]