बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
ऐ सनम, अधूरे ख्वाबों का ये बिखरा मंज़र मेरे दिल के वीराने में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान।
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान।