४ लाइन शायरी (रुबाई)
सुनो, तेरी पनाहों का ये सुकून मेरी हर मुराद में,
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं।
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं।