४ लाइन शायरी (रुबाई)
ऐ सनम, तेरी यादों का ये कारवां मेरे दिल के हर कोने में,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 654]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 654]