दोस्ती और यारी शायरी
ज़िंदगी के सफर में, दोस्तों के साथ बिताए हुए हसीन लम्हे ज़िंदगी के हर एक मोड़ पर,
हर ग़म को पल भर में भुला रहा है, ये वो पवित्र बंधन है जो कभी वक्त की मार से नहीं टूटता। [दोस्ती और यारी शायरी 681]
हर ग़म को पल भर में भुला रहा है, ये वो पवित्र बंधन है जो कभी वक्त की मार से नहीं टूटता। [दोस्ती और यारी शायरी 681]