रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
यकीन मानो, हमारी शर्तों पर जीने का ये हुनर शहर की हर गली और चौराहे पर,
शेर की तरह दहाड़ रहा है, क्योंकि जब हम मैदान में उतरते हैं तो इतिहास बदल जाता है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
शेर की तरह दहाड़ रहा है, क्योंकि जब हम मैदान में उतरते हैं तो इतिहास बदल जाता है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।