बेवफा शायरी इन हिंदी
बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरे दर्दमंद दिल में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [बेवफा शायरी इन हिंदी 609]
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [बेवफा शायरी इन हिंदी 609]