दर्द भरी और तन्हाई शायरी
बस इतना समझ लो, रोते हुए दिल की ये बेबसी मेरी वीरान ज़िंदगी में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [दर्द भरी और तन्हाई शायरी 735]
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [दर्द भरी और तन्हाई शायरी 735]