दर्द भरी और तन्हाई शायरी
सदा, खामोश लबों की दबी हुई चीख मेरी खामोश रातों में,
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।