शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
ज़माने से कह दो, तेरे इश्क का पावन रंग मेरे दिल के हर कोने में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
नया उजाला बिखेर रहा है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।