शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
इश्क़ में, तेरे हुस्न का ये दीदार मेरी आँखों की पुतलियों में,
हमेशा के लिए बस गया है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
हमेशा के लिए बस गया है, कि इश्क़ का ये खूबसूरत और पावन सफर कभी खत्म न हो।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।