शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
मेरे हमदम, तेरे इश्क का पावन रंग मेरे दिल के हर कोने में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 221]
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 221]