शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
खुदा गवाह है, तेरा ख्याल मेरी रूह में मेरे रोम-रोम के अहसास में,
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 298]
बेपनाह सुकून दे रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 298]