शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
दिल कहता है, तेरे प्यार का असर मेरी हर सांस में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 556]
अमृत बनकर घुल गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 556]