ग़ज़ल और नज़्म
दिल कहता है, तेरी मीठी बातों का जादू मेरी खामोश इबादतों में,
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।