ग़ज़ल और नज़्म
यूं तो, तेरी नज़रों का ये तीर मेरे दिल की धड़कनों में,
रूह को मदहोश कर रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते।
रूह को मदहोश कर रहा है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते।