ग़ज़ल और नज़्म
दिल की गहराइयों से, तेरी वफाओं का ये समंदर मेरी हर सांस में,
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे सिवा अब किसी और की चाहत दिल में नहीं रही।