ग़ज़ल और नज़्म
अक्सर, तेरी ज़ुल्फ़ों की हसीन छांव मेरी खुशियों के आशियाने में,
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।
हमेशा के लिए बस गया है, कि तेरी बाहों का ये आशियाना ही मेरी सच्ची जन्नत है।