ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
दिल कहता है, खामोश लबों की दबी हुई चीख मेरी यादों के खंडहर में,
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 679]
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 679]