ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
ज़माने से कह दो, बेवफाई के गहरे ज़ख्म मेरी सांसों की चुभन में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।