ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
दिल कहता है, आँखों से बहते अश्कों का दरिया मेरे खामोश आशियाने में,
खामोशी से रुला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 954]
खामोशी से रुला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 954]