ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
बस इतना समझ लो, आंसुओं में भीगी ये पलकें मेरी सांसों की चुभन में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।