ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
मेरी हर दुआ में, तन्हाई की काली रातों का सन्नाटा मेरी खामोश रातों में,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई।
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई।