४ लाइन शायरी (रुबाई)
मेरी हर दुआ में, तेरी सांसों की महक मेरे रोम-रोम के अहसास में,
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 171]
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 171]