४ लाइन शायरी (रुबाई)
हर घड़ी, तेरी यादों का ये कारवां मेरे दिल के हर कोने में,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 686]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 686]