४ लाइन शायरी (रुबाई)
दिल की गहराइयों से, तेरी यादों का ये कारवां मेरे दिल के हर कोने में,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 270]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 270]